शिक्षा के अधिकार के लिए जन-अभियान : मार्गदर्शक सिद्धांत

मेरा पूर्ण विश्वास है कि हमारी सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था हमारे लोकतंत्र की बुनियाद है और भारत की प्रगति के लिए बेहद जरूरी भी. इसलिए सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और उसे बचाना जरूरी है ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि सभी बच्चों - अमीर हों या गरीब- को बेहतरीन अवसर प्राप्त हों और पड़ोसी स्कूलों में उन्हें सीखने-बढ़ने के उचित एवं समान अवसर हासिल हों. इस प्रकार, मेरा मानना है कि

 

  • शिक्षा हमारा मौलिक अधिकार है और देश के हर बच्चे के लिए इसे सुनिश्चित करना मुख्य रूप से सरकार की जिम्मेदारी है 
  • हर बच्चे को कम-से-कम 12 वर्षों की निःशुल्क, सार्वजनिक वित्तपोषित, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण,  समतामूलक हासिल करने का अधिकार है. साथ ही, बच्चों को कम-से-कम दो वर्षों की निःशुल्क पूर्व-प्राथमिक शिक्षा एवं देखभाल का भी अधिकार है
  • हमारी शिक्षा व्यवस्था ऐसी हो जो अनिवार्य रूप से अवसरों एवं सबके प्रति व्यवहार में समानता सुनिश्चित करे, जो किसी भी किस्म के अलगाव, भेदभाव एवं असमानता से मुक्त हो; जो समता व समावेश को बढ़ावा दे, विविधताओं का सम्मान करे और सम्बद्ध सरोकारों को भी संबोधित करे
  • सभी शैक्षिक संस्थाएं राज्य द्वारा लागू शिक्षा का अधिकार क़ानून के द्वारा निर्धारित न्यूनतम शैक्षिक मानकों एवं मानदंडों का अनुपालन करें
  • पेशेवर योग्यता प्राप्त एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण-प्राप्त शिक्षकों की पर्याप्त संख्या में नियुक्ति की जानी चाहिए, एक सृजनशील, सहयोगी माहौल उपलब्ध कराया जाना चाहिए ताकि सीखने-समझने के स्तर में आवश्यक प्रगति सुनिश्चित की जा सके
  • शिक्षा का अर्थ सिर्फ साक्षरता और आंकिक ज्ञान हासिल कर लेना भर नहीं होना चाहिए, बल्कि शिक्षा ऐसी हो जिसमें अपने नागरिकों में कौशल व हुनर, जीवन-मूल्यों, ज्ञान के विकास के साथ-साथ जीने के तौर-तरीकों से भी वाकिफ कराने की क्षमता हो ताकि वे एक गरिमापूर्ण, सुखी एवं स्वस्थ जीवन जी सकें; खुद से निर्णय ले सकें; स्थानीय एवं वैश्विक चुनौतियों का सामना कर सकें और अंतर्सांस्कृतिक समझ विकसित कर सकें
  • भारत के सरकारी स्कूलों में ऐसी क्षमता विद्यमान है जो देश के सभी बच्चों व युवाओं के लिए समतामूलक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी कर सके
  • देश के नागरिकों को अधिकार एवं उनका कर्तव्य है कि देश में समतामूलक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अधिकार पर जमीनी तौर पर अमल करने के लिए राज्य/सरकार को जवाबदेह ठहरा सके

 

उपरोक्त बिन्दुओं एवं तथ्यों के मद्देनजर मै भारत में सरकारी स्कूलों के सशक्तीकरण के इस जन-अभियान के प्रति अपनी पूर्ण प्रतिबद्धता जाहिर करता हूँ और सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था की बेहतरी के लिए व्यापक जन-गोलबंदी का प्रयास करूँगा.

Get Involved

Get Connected

 

 

Contact us

Events

2017 Delhi SMC Declaration on strengthening government schools in India  The Second National SMC... Read More
Key Decisions of National Council Meeting 13-14 December 2017 Vishwa Yuvak Kendra   REVISITING WAYS... Read More
In this age of human rights, it is a universal truth that education is a fundamental right of all... Read More